सागर: बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (Bundelkhand Medical College – BMC) में अब फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियों के निदान और इलाज में एक बड़ी सुविधा जुड़ गई है। यहां पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट (Pulmonary Function Test – PFT) और फोर्स्ड ऑसिलेशन टेक्निक (Forced Oscillation Technique – FOT) की अत्याधुनिक सेवाएं शुरू की गई हैं, जिससे संभाग के मरीजों को अब जांच के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
ओपीडी में शुरू हुई नियमित सेवा
इस नई स्वास्थ्य सुविधा का विधिवत शुभारंभ अधिष्ठाता डॉ. पी. एस. ठाकुर और अधीक्षक डॉ. राजेश जैन ने किया। उन्होंने बताया कि यह सेवा सोमवार से शनिवार तक, सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक, BMC OPD कक्ष क्रमांक 12 में उपलब्ध रहेगी। इसका संचालन फिजियोलॉजी एवं रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया जाएगा।
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अस्थमा व सीओपीडी में होगा सटीक निदान
मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि इन अत्याधुनिक जांचों (Advanced Lung Diagnostics) से अस्थमा, क्रोनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), पल्मोनरी फाइब्रोसिस और श्वसन संबंधी अन्य गंभीर संक्रमणों का सटीक पता लगाया जा सकेगा। यह न केवल मरीजों के लिए वरदान है, बल्कि BMC PG Students को बेहतर क्लीनिकल प्रशिक्षण और रिसर्च के अवसर भी प्रदान करेगी।
शिक्षण व अनुसंधान को मिलेगा बढ़ावा
इस कदम से संस्थान के शैक्षणिक और अनुसंधान कार्यों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. रविकांत अरजरिया और पल्मोनरी विभागाध्यक्ष डॉ. तल्हा साद सहित दोनों विभागों के वरिष्ठ चिकित्सकों, पीजी छात्रों और कर्मचारियों ने इस अवसर पर उपस्थिति दर्ज कराई। माना जा रहा है कि इससे सागर मेडिकल कॉलेज (Sagar Medical College) का प्रोफाइल क्षेत्र में एक प्रमुख श्वसन रोग केंद्र के रूप में उभरेगा।

