Sagar News कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई: जिले के 41 आदतन अपराधियों को किया जिला बदर

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सागर: जिला प्रशासन ने कानून व्यवस्था (Law and Order) कायम रखने के लिए एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए 41 आदतन अपराधियों (Habitual Criminals) को जिला बदर (Externment) का आदेश जारी किया है। कलेक्टर संदीप जी.आर. के निर्देश पर की गई यह कार्रवाई अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही में से एक मानी जा रही है।

जिला बदर के आदेश का उद्देश्य

कलेक्टर संदीप जी.आर. ने स्पष्ट किया कि जिले में शांति और कानून व्यवस्था (Peace and Security) बनाए रखना प्रशासन का प्रमुख संकल्प है। इसी लक्ष्य के तहत, ऐसे आदतन अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है जिनके कारण स्थानीय स्तर पर अशांति की स्थिति बनी रहती थी। जिला बदर का यह अभियान अपराध दर (Crime Rate) में कमी लाने और आम नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा दिलाने की दिशा में एक अहम कदम है।

क्या है जिला बदर का प्रावधान?

जिला बदर, या एक्सटर्नमेंट, एक कानूनी प्रक्रिया है जिसके तहत किसी आदतन अपराधी को एक निश्चित अवधि के लिए जिले या क्षेत्र विशेष से बाहर रहने का आदेश दिया जाता है। इसका उद्देश्य उस क्षेत्र विशेष में अपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना और सार्वजनिक सुरक्षा (Public Safety) सुनिश्चित करना होता है।

3 माह से 12 माह तक की अवधि के लिए जिला बदर

जिला बदर किए गए 41 अपराधियों में से कुछ को 3 माह की न्यूनतम अवधि जबकि कई को 12 माह की अधिकतम अवधि के लिए जिले से बाहर रहने का आदेश दिया गया है। इन अपराधियों में विभिन्न थानों और क्षेत्रों के आदतन अपराधी शामिल हैं।

प्रमुख अपराधी जिन्हें किया गया जिला बदर

12 माह की अवधि के लिए जिला बदर किए गए अपराधियों में ऐशु उर्फ यशवंत (संत रविदास वार्ड), देवांश उर्फ छोटू (पंतनगर वार्ड), राजा (काकागंज वार्ड), सूरज (मोतीनगर थाना), गोविंद उर्फ भूरा (खिमलासा) और रामनेश (सीहोरा) शामिल हैं।

10 माह के लिए राजू यादव (शाहगढ़), निरंजन (खुरई), श्रीकांत (केसली) और राजेश (शास्त्री वार्ड) को जिला बदर किया गया है।
इसके अलावा 9 माह के लिए दिनेश उर्फ काली (बीना), पिट्टू उर्फ प्रदीप (केसली), गौरव उर्फ चिन्नू घारू (गोपालगंज) और मोहन (तिली गांव) को भी जिले से बाहर रहने का आदेश दिया गया।

विभिन्न थानों के अपराधी शामिल

इस कार्यवाही में सागर जिले के विभिन्न थानों – शाहगढ़, खुरई, बण्डा, बीना, केसली, मोतीनगर, राहतगढ़, सुरखी, छानबीला, गढ़ाकोटा, गोपालगंज और गौरझामर के आदतन अपराधी शामिल हैं। सबसे कम 3 माह की अवधि के लिए राहुल (तिली, गोपालगंज) को जिला बदर किया गया है।

प्रशासन का संदेश स्पष्ट: शांति व्यवस्था सर्वोपरि

इस बड़ी कार्रवाई के जरिए जिला प्रशासन ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून तोड़ने वालों के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि यह कार्यवाही नागरिकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रखी जाएगी।

इस कदम से स्थानीय निवासियों ने भी राहत की सांस ली है और प्रशासन की इस सख्ती का स्वागत किया है। यह माना जा रहा है कि इससे जिले में अपराधिक घटनाओं पर लगाम लगने में मदद मिलेगी।

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