सागर जिले में 49 स्कूल लखपति दीदी संकल्प की दिशा में कदम
सागर: सागर जिले में महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (MP State Rural Livelihood Mission) के तहत चलाया व्यापक अभियान जा रहा है। इसके तहत लखपति दीदी संकल्प (Lakhpati Didi Vision) को साकार करने के उद्देश्य से जिले भर में 49 फार्मर्स फील्ड स्कूलों (किसान पाठशालाओं) का आयोजन किया जा रहा है। इन पाठशालाओं का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को कृषि और पशुपालन की उन्नत तकनीकों (Advanced Farming Techniques) से रूबरू कराकर उनकी आय में वृद्धि करना है।
प्रत्यक्ष प्रशिक्षण और अनुभव साझाकरण
इन किसान पाठशालाओं की विशेषता यह है कि प्रशिक्षण बंद कमरों के बजाय सीधे सफल महिला किसानों के खेतों और पशुपालन केंद्रों (Animal Husbandry Centers) पर दिया जा रहा है। यहाँ प्रतिभागी महिलाओं को बकरी पालन, मुर्गी पालन, सब्जी उत्पादन और श्री विधि (SRI Technique) से धान-गेहूं की खेती का सजीव प्रदर्शन दिखाया जा रहा है। सफल महिला किसान अपने अनुभवों के माध्यम से यह बता रही हैं कि कैसे नवाचार अपनाकर परंपरागत खेती को लाभ के सौदे में बदला जा सकता है।
उन्नत तकनीक और पर्यावरण संरक्षण
सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में महिलाएं अब नेट हाउस तकनीक, मल्टी लेयर क्रॉपिंग (Multi-layer Cropping) और टपक-बूंद सिंचाई पद्धति (Drip Irrigation) का उपयोग कर रही हैं। इन तकनीकों से न केवल पैदावार बढ़ी है, बल्कि जल संरक्षण (Water Conservation) की दिशा में भी महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। विशेष रूप से जिले में जी-9 प्रजाति के केले की खेती (G-9 Banana Cultivation) एक सफल नवाचार के रूप में उभरी है, जो आर्थिक लाभ के साथ-साथ पोषण सुरक्षा भी सुनिश्चित कर रही है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती
जिला कलेक्टर संदीप जी. आर. ने बताया कि कृषि और पशुपालन में तकनीकी प्रयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy) को मजबूती प्रदान करने का आधार हैं। उन्होंने कहा कि उन्नत पशुपालन से जहां नियमित आय प्राप्त होती है, वहीं यह कृषि कार्यों के लिए भी सहायक सिद्ध होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने से खेती की लागत कम होती है और मुनाफा बढ़ता है।
विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और विभागीय समन्वय
हाल ही में ग्राम बिजोरा में कृषि वैज्ञानिक डॉ. आशीष त्रिपाठी और एफपीओ (FPO) के सीईओ आकाश तिवारी ने महिलाओं को विभिन्न फसल तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। जिले के प्रत्येक विकासखंड में आयोजित हो रहीं इन 49 पाठशालाओं में कृषि, उद्यानिकी, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी सक्रिय रूप से अपना तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।

