पंचायत चुनाव के पूर्व जनपदों का परिसीमन, खुरई, राहतगढ़, सागर जनपद में बदलाव

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सागर (sagarnews.com)। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पूर्व जिले की अधिकांश जनपदों में ग्राम पंचायत और जनपद सदस्य वार्डों का अब फिर नए तरीके से परिसीमन किया गया है, अधिकांश में यह कार्य हो चुका है। हालांकि अभी अंतिम रूप से इसका प्रकाशन नहीं हुआ। खुरई, राहतगढ़, सागर जनपद में कुछ ग्राम पंचायतों में बदलाव हुए हैं। जिले में पिछले दो वर्षों में गठित नई नप में शामिल पंचायतें भी कम हुई हैं।

त्रिस्तरीय पंचायती राज चुनाव जो पिछले वर्ष शासन द्वारा घोषित किए जाने के बाद अदालती कार्रवाई के चलते टल गए थे कि प्रारंभिक तैयारियां अब लगभग पूरी हो गई हैं। पंचायतों की मतदाता सूची के गठन के साथ ही जिले की ग्राम पंचायतों एवं जनपद के वार्डों का नया परिसीमन भी लगभग पूरा होने को है।

पिछले वर्ष शासन द्वारा पंचायत चुनाव 2014 के परिसीमन के आधार पर ही कराने का निर्णय लिया गया था। जबकि डेढ़ वर्ष की कांग्रेस सरकार ने पंचायतों का परिसीमन तो कराया लेकिन चुनाव नहीं करा पाए। जिसके चलते कांग्रेस सहित कई लोगों द्वारा इस पर आपत्ति उठाते हुए अदालत में याचिकाएं लगाई थीं। कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण को लेकर चुनाव स्थगित कर दिए थे।

बताया जाता है कि पिछले करीब एक महीने से जिले की सभी 11 जनपदों में ग्राम पंचायतों और जनपद वार्डों का पुन: परिसीमन कराया जा रहा है, जिसे लेकर संबंधित एसडीएम द्वारा कार्यक्रम जारी कर परिसीमन कराते हुए उन पर दावा-आपत्तियां भी बुलाई गई थीं।

बताया जाता है कि इसके तहत राहतगढ़ जनपद में तो दावा आपत्ति का समय भी पूरा हो चुका है, जनपद में संभवत: चार नई ग्राम पंचायतें बनाई जा रही हैं। खुरई जनपद में भी ग्राम पंचायत और जनपद वार्डों का परिसीमन कार्य लगभग पूरा हो गया है। यहाँ भी करीब आधा दर्जन ग्राम पंचायतों की सीमाओं में परिवर्तन हुआ है तो अब खुरई में जनपद सदस्य के 22 वार्ड हो जायेगें. वहीं मालथौन जनपद में भी परिसीमन का कार्य हो चुका है। इस जनपद में तीन नई नप का गठन हो चुका है, जिसमें 30 ग्राम पंचायतें शामिल की जा चुकी हैं।

त्रिस्तरीय पंचायत के इस कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत और जनपद वार्डों के परिसीमन के बाद इसकी दावा आपत्तियां जिला स्तर पर सुनी जा रही हैं. मामले में खुरई एसडीएम मनोज चौरसिया का कहना है कि परिसीमन की प्रक्रिया के तहत जनपद और जिला स्तर पर प्रारंभिक प्रकाशन हो चुके हैं. कलेक्टर कार्यालय में दावे-आपत्ति ली जा रही हैं।